नई दिल्ली, मार्च 15 -- हिंदू धर्म में खरमास एक विशेष अवधि है, जब सूर्य धनु या मीन राशि में गोचर करता है। इस दौरान मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण आदि वर्जित माने जाते हैं, क्योंकि यह समय अशुभ फलदायी होता है। हालांकि, खरमास आध्यात्मिक साधना, जप-तप और देव पूजा के लिए अत्यंत उत्तम काल माना जाता है। साल 2026 में सूर्य 15 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे खरमास शुरू हो जाएगा और लगभग एक महीने तक चलेगा। इस दौरान सूर्य देव की पूजा और मंत्र जाप से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति, यश-कीर्ति और समृद्धि प्राप्त होती है। आइए जानते हैं खरमास में सूर्य पूजा का महत्व और विधि।खरमास 2026 कब शुरू और खत्म होगा? वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने से आज 15 मार्च से खरमास का आरंभ हो गया है। यह अव...