नई दिल्ली, मई 9 -- केदारनाथ धाम चार धाम यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हिमालय की गोद में स्थित यह पावन धाम भगवान शिव का प्रमुख ज्योतिर्लिंग है। अन्य ज्योतिर्लिंगों से अलग, यहां शिवलिंग गोलाकार नहीं बल्कि त्रिकोणीय यानी त्रिभुजाकार है। इस अनोखे आकार के पीछे एक रोचक पौराणिक कथा है, जो भक्ति, अहंकार और दिव्य लीला का अद्भुत मिश्रण है।केदारनाथ शिवलिंग का त्रिकोणीय आकार केदारनाथ का शिवलिंग लगभग 12 फीट ऊंचा और चौड़ा है। यह स्वयंभू यानी प्राकृतिक रूप से प्रकट माना जाता है। त्रिकोणीय आकार त्रिदेव - ब्रह्मा, विष्णु, महेश और त्रिगुण - सत्त्व, रजस, तमस का प्रतीक है। वास्तु शास्त्र में त्रिकोण आकार ऊर्जा को केंद्रित और स्थिर करने वाला माना जाता है, जिससे भक्तों को गहरी आध्यात्मिक अनुभूति होती है।महाभारत के बाद पांडवों की तपस्या महाभारत युद्ध समाप्त ह...