कौशाम्बी, अक्टूबर 17 -- Kausambi News: शारदीय नवरात्र के सातवें दिन शनिवार को मां दुर्गा के सातवें स्वरूप कालरात्रि के पूजन-अर्चन को शक्तिपीठ कड़ाधाम स्थित मां शीतला मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूर्वांचल की आराध्य देवी के रूप में भी पूजी जाने वाली मां शीतला के प्रति आस्था है कि सच्चे मन से मां शीतला के सावतें स्वरूप कालरात्रि की आराधना करने वाले भक्तों के कष्ट भय दूर होते हैं और उनके जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मान्यताओं के अनुसार जब भगवान शिव राजा दक्ष के हवन कुंड से माता सती के पार्थिव शरीर को लेकर आकाश में शिव तांडव कर रहे थे तब सभी देवी देवता डर गए। सभी को डर था कि यदि सती के वियोग में यदि भगवान शिव का तीसरा नेत्र खुल गया तो सारी सृष्टि भस्म हो जाएगी। तब सृष्टि की रक्षा के लिए देवी, देवताओं, ऋषि, मुनियों ने भगवान विष्णु ...