कटिहार, अक्टूबर 4 -- Katihar News: कटिहार निज संवाददाता। जैन भवन में तेरापंथ सभा द्वारा मुनि प्रशांत कुमार और कुमुद कुमार के सान्निध्य में हस्तरेखा एवं ग्रह विज्ञान कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुनि प्रशांत ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि जैन धर्म वैज्ञानिक धर्म है। वैज्ञानिक तथ्य पर आधारित है। जैन धर्म में ज्योतिष का महत्व है क्योंकि यह एक बड़ा विज्ञान है। भूगोल के बारे में भी बहुत कुछ लिखा गया है।

ज्योतिष का महत्व ज्योतिष शास्त्र पर अनेक आचार्य ने बड़े-बड़े ग्रंथ लिखे हैं। अष्टांग निमित्त पर आचार्य भद्रबाहु स्वामी ने सविस्तार लिखा है। ज्योतिष शास्त्र ज्ञान का विषय है। कर्म आचरण अच्छा है तो कोई भी ग्रह आपका कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता। उन्होंने कर्म एवं आचरण को अच्छा बनाएं रखने की सलाह दी। कर्म अच्छे हैं तो सब अच्छा ही अच्छा होगा। ...