कटिहार, अगस्त 1 -- Katihar News: कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि जिले में धान की रोपनी अंतिम चरण में है और अब फसल की बेहतर बढ़वार के लिए खेतों को खरपतवार मुक्त रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि धान की रोपाई के बाद शुरुआती 30 से 45 दिनों के दौरान खरपतवार नियंत्रण पर विशेष ध्यान दें। यही वह समय होता है जब खरपतवार तेजी से बढ़कर फसल के साथ पोषक तत्व, नमी, धूप और स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। यदि समय पर इनका नियंत्रण नहीं किया गया तो धान की उपज में 30 से 80 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। कृषि विभाग के अनुसार धान की फसल में सांवा (इचिनोक्लोआ), मोथा (साइपेरस), मोनी या इस्चेमम, जंगली धान तथा चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार सबसे अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। सांवा धान के पौधों के साथ सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा कर नाइट्रोजन और नमी ...