नई दिल्ली, अप्रैल 28 -- भगवान ब्रह्मा के मानस पुत्र महर्षि भृगु का जन्म वैशाख पूर्णिमा के दिन हुआ था। 'भृगु' शब्द का अर्थ है-'उज्ज्वल', इसीलिए वैदिक साहित्य में भृगु की तुलना सूर्य से की गई है। ऋग्वेद के अनुसार ऋषि भृगु अग्नि-देवता 'मातरश्विन्' से अग्नि प्राप्त करके, उसे पृथ्वी पर लेकर आए और लोगों को अग्नि का उपयोग करना सिखाया। इसी कारण भार्गवों को अग्निपूजक माना गया है। भृगु ने ही अग्नि को शुद्ध-अशुद्ध का ज्ञान किए बिना सर्वभक्षी होने का शाप भी दिया था। ज्योतिष के प्रसिद्ध ग्रंथ 'भृगु-संहिता' के रचयिता महर्षि भृगु हैं।महर्षि भृगु की पुत्री लक्ष्मी का विवाह भगवान विष्णु से भागवत पुराण के अनुसार भृगु का विवाह राजा दक्ष की पुत्री ख्याति से हुआ था। इनसे इनके दो पुत्र धाता-विधाता और पुत्री लक्ष्मी का जन्म हुआ। ऋषि भृगु की पुत्री होने के कारण ...
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