कानपुर, जुलाई 6 -- Kanpur News: पुखरायां, संवाददाता। स्थानीय कस्बे में आयोजित निरंकारी आध्यात्मिक सत्संग में बोलते हुए संत निरंकारी मिशन की बहन मालती यादव ने कहा कि ब्रह्म ज्ञान ही स्वाति बूंद है। ब्रह्म ज्ञान सतगुरु की सबसे बड़ी रहमत है अज्ञानता के अंधकार में डूबे संसार के लोगों के प्रति रहमतों में कोई भेदभाव की दृष्टि नहीं है। बल्कि सब के प्रति अपनेपन वाला भाव ही मौजूद है। यही ब्रह्म ज्ञान है। उन्होंने कहा कि रहमत सतगुरु की अति से उदारता है। रहमत करना सतगुरू का मूल स्वभाव है। सतगुरु की रहमतों का विस्तार निरंकार के विस्तार के समान अत्यंत व्यापक है। हर तरफ हर किसी पर इसकी रहमत निरंतर बरसती रहती है। अक्सर जीवन में जब कोई उतार चढ़ाव आते हैं तो इंसान सोचता है की पीड़ा की इस घड़ी में वह अकेला है लेकिन वह अकेला होता नहीं है बल्कि वह भक्त सतगुरू की...