कानपुर, अक्टूबर 6 -- Kanpur News: शिवली,संवाददाता। अंग्रेजों की हुकूमत के बाद परतंत्रता की बेड़ियों से जकड़े देशवासियों को स्वतंत्रता मिल गई, लेकिन कई दशक बीत जाने के बाद भी इस देश-प्रदेश में रहने वाले सपेरा बैगा समाज के लोगों आज तक अपनी पहचान के मोहताज है। उन्हें जाति प्रमाण पत्र तक की दरकार पूरी न हुई, बल्कि जाति प्रमाण पत्र की जगह नसीब हुई तो सिर्फ अफसरों की झिड़कियां। लेकिन अब वह दिन दूर नहीं जब उन्हें जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र ही नहीं उनकी छत भी होगी और राजस्व अभिलेखों में उनकी आमद भी होगी। यह बात मैथा ब्लॉक क्षेत्र के जोगी डेरा नहरीबरी में मंगलवार को आयोजित विमुक्त घुमंतू जाति आभार दिवस पर आयोजित बारा समाज के महासम्मेलन के दौरान समाज कल्याण मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने कहीं।

आभार दिवस का आयोजन क्षेत्र के जोगी डेरा नहरीबरी गां...