कानपुर, अगस्त 23 -- Kanpur News: रसूलाबाद, संवाददाता। भगवान शिव कल्याण के प्रतीक होने के साथ ही अनेक रूपों का समन्वय हैं। सत्य और शिव के समावेश का मंथन मानव को जीवन जीने की कला सिखाने के साथ आत्मशक्ति का बोध भी कराता है। रविवार को जोत गांव के शिव मंदिर में चल रही शिव महापुराण की कथा का प्रवचन करते हुए आचार्य ने भक्तों को शिव महिमा का बोध कराया। रसूलाबाद ब्लॉक के जोत गांव में चल रही शिव महापुराण की कथा सुनाते हुए रविवार को वृंदावन से पधारे आचार्य उत्कर्ष शुक्ला ने कहा कि भगवान शिव स्वयं ही कल्याण के प्रतीक हैं। भक्तों के कल्याण के लिए वह सदैव तत्पर रहते हैं। यह भी पढ़ें- Rampur News: दूसरों की भलाई ही सच्चा धर्म: पंडित पवन कौशिक उन्होने कहा कि एकक्षर मंत्र ऊं भगवान शिव का स्वरूप है। वहीं षड़ाक्षर मंत्र ऊं नम: शिवाय ही शिव तत्व है।मनोरथ सिद्...