कानपुर, सितम्बर 16 -- Kanpur News: परिवार के किसी भी सदस्य की मृत्यु पर लोग जल्दी जाग रहे जबकि जन्म प्रमाण पत्र के लिए जल्दबाजी नहीं दिखती। जन्म और मृत्यु पंजीयन के लिए आए आवेदन इसकी सच्चाई बयां कर रहे हैं। हकीकत यह है कि कुछ लोगों को अपने ये परिवार के सदस्यों के जन्म की याद तब आई जब उनकी अवस्था 70 से 80 तक पहुंच गई। कई लोग तो पिताजी, दादाजी और दादीजी तक के जन्म प्रमाण पत्र के लिए नगर निगम पहुंचे हैं। विंध्यवासिनी देवी 82 की, अब चाहिए प्रमाण पत्र यह भी पढ़ें- Kanpur News: महीने भर से जन्म प्रमाणपत्र के लिये दर-दर भटक रहे लोगनगर निगम में आवेदन अब नगर निगम जोन दो की हरजेंदर नगर निवासी विंध्यवासिनी देवी की ही बात करें तो उनकी अवस्था इस समय 82 वर्ष की हो गई है। उनकी पोती पारूल पाठक उन्हें अपने साथ यूएसए ले जाना चाहती हैं तो जन्म प्रमाण पत्र क...