कानपुर, अगस्त 5 -- Kanpur News: कानपुर। महाराज प्रयाग नारायण शिवाला मन्दिर प्रांगण में में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस बुधवार को कथा व्यास आचार्य योगेश महाराज ने ध्रुवचरित का वर्णन किया। आचार्य ने बताया कि बालक के लिए घर की पहली गुरु मां होती है। यदि मां संस्कारवान और चरित्रवान होगी तभी वो ध्रुव जैसे बालकों को जन्म दे पाएगी। बालकों के लिए बाल्यकाल में दी जाने वाली शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। यह उसके उत्कृष्ट व्यक्तित्व का निर्माण करती है। यदि बालक घर में अनुकूल आध्यात्मिक वातावरण को प्राप्त करता है तो बड़ा होकर वह महान बनता है। उसकी सेवाओं से समाज एवं राष्ट्र गौरवान्वित होता है। यह भी पढ़ें- Kanpur News: ईश्वर के प्रति सच्ची श्रद्धा, भक्ति और समर्पण से भागवत प्राप्ति : आचार्य योगेश इस प्रकार अनेक प्रसंगों, गीतों और हरि नाम संकीर्...