कानपुर, अगस्त 4 -- Kanpur News: कानपुर, प्रमुख संवाददाता। समाज में उल्लू को बेवकूफ माना जाता है। इस धारणा के विपरीत उल्लू इंसानों के सच्चे मित्र हैं। खासकर, किसानों के लिए बेहद मददगार होते हैं। फसलों की रक्षा के लिए जो काम इंसान नहीं कर पाता वह कार्य उल्लू चुपचाप कर देता है। तो फिर उल्लुओं को अब हल्के में मत लीजिए। इन्हें संरक्षित करिए। यह बड़े काम के हैं। दुनिया में 200 प्रकार के उल्लू पाए जाते हैं। इनमें 36 प्रकार के उल्लू अपने देश में हैं। उल्लू रात्रिचर पक्षी है। दिन में पेड़ों की शाख पर सोता रहता है जबकि रात होते ही यह उड़ान भर देता है। यही वजह है कि भोजन की तलाश भी उल्लू रात में ही करते हैं। उल्लुओं को भोजन में सबसे अच्छा चूहा लगता है। एक जोड़ा उल्लू एक साल में 1000 से ज्यादा चूहों को खा जाता है। इसके अलावा उल्लू टिड्डियां, छिपकली औ...