कानपुर, अक्टूबर 18 -- Kanpur News: सरवनखेड़ा, संवाददाता। सरवनखेड़ा ब्लॉक क्षेत्र में धान की कटाई के बाद खेतों में बचे फसल अवशेषों को जलाने का सिलसिला शुरू हो गया है। कई किसान खेतों को अगली फसल के लिए जल्द तैयार करने के उद्देश्य से पराली में आग लगा रहे हैं। इससे निकलने वाला धुआं वातावरण में फैल रहा है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका है। ग्रामीण इलाकों में खेतों के आसपास धुएं का असर दिखाई देने लगा है। पराली जलाने से वातावरण की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ ही लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को परेशानी होने की आशंका रहती है। यह भी पढ़ें- Orai News: खेतों में पराली न जलाएं किसान, पकड़े जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई इसके अलावा आग लगाने से मिट्टी में मौजूद लाभकारी सू...