कानपुर, जुलाई 9 -- Kanpur News: कानपुर, प्रमुख संवाददाता। चिड़ियाघर में पल रहे घड़ियालों को बरसाती कीड़ों का डिनर कराया जा रहा है। मछली का कीमा खाकर भी घड़ियाल के बच्चे कमजोर हो रहे थे। इनके घटते वजन को देखते हुए चिड़ियाघर के पशुचिकित्सकों ने प्रोटीनयुक्त कीड़ों को आहार बनाने का निर्णय लिया। इसके लिए घड़ियाल के बाड़े में एक बल्ब लगाया गया है, इसकी रोशनी से आकर्षित होकर पहुंचने वाले कीड़े नीच गिरकर घड़ियाल के बच्चों का शिकार बन रहे हैं। इस साल जून में पहली बार चिड़ियाघर में घड़ियाल के 15 बच्चों ने जन्म लिया था। चूंकि, घड़ियाल के बच्चों के 30 प्रतिशत बच्चे ही सर्वाइव कर पाते हैं। इसलिए चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक घड़ियाल के बच्चों के जीवन को लेकर सतर्क हैं। घड़ियाल के बच्चों का वजन 100-150 ग्राम है। बीते दिनों इनका वजन कम होने लगा, जिससे पशु ...