कानपुर, सितम्बर 13 -- Kanpur News: सरवनखेड़ा, संवाददाता। गांवों को स्वच्छ रखने के सरकारी दावे सरवनखेड़ा में कागजों तक सिमटते नजर आ रहे हैं। ग्राम पंचायत के करीब 12 मजरों की सफाई व्यवस्था चार माह से महज एक सफाई कर्मचारी सुरेश के भरोसे है। सफाई कर्मियों की कमी दूर करने के लिए डीपीआरओ ने दो कर्मचारियों की तैनाती का आदेश दिया था, लेकिन चार माह बाद भी दोनों ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया। नतीजा, नालियां गंदगी से सटी हैं और ग्रामीण खुद सफाई करने को मजबूर हैं। त्रिवेदीनपुर, सिकंदरपुर, रंजीतपुर, मर्दानपुर, अहिरानी, कमला नगर, विराहिनपुर और शंकरपुर समेत करीब 12 मजरों में सफाई की जिम्मेदारी एक कर्मचारी पर है। इतनी बड़ी आबादी और इतने मजरों की सफाई अकेले कर्मचारी के लिए करना संभव नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि कई जगह नालियां लंबे समय से साफ नहीं हुई हैं। ...