कानपुर, अगस्त 26 -- Kanpur News: सरवनखेड़ा, संवाददाता। गांवों से प्रसूताओं को लेकर रात के समय सीएचसी और पीएचसी पहुंचने वाली आशा बहुओं के सामने रात्रि विश्राम की समस्या बनी हुई है। अस्पतालों में उनके लिए अलग कमरा या रेस्टरूम की व्यवस्था नहीं होने से प्रसूता को भर्ती कराने के बाद उन्हें प्रसव होने तक अस्पताल में ही रुकना पड़ता है। ऐसे में कई बार आशाओं को बरामदे, वार्ड की गैलरी या प्रसव कक्ष के आसपास बैठकर ही रात गुजारनी पड़ती है। परिस्थितियां विपरीत होने पर खुले आसमान के नीचे रात बिताने की नौबत भी आ जाती है। सरवनखेड़ा सीएचसी में आशा बहुओं के लिए रात्रि विश्राम की अलग व्यवस्था नहीं है। गांव से प्रसूता को लेकर देर रात अस्पताल पहुंचने वाली आशा पहले उसे भर्ती कराती है और इसके बाद प्रसव होने तक अस्पताल में मौजूद रहती है। कई बार प्रसव में कई घंटे लग ...