कन्नौज, सितम्बर 29 -- Kannauj News: विशुनगढ़, संवाददाता। थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत सरदामई में लगातार हो रही भीषण बारिश से किसानों की पकी धान की फसल जलमग्न होकर नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है। सरदामई और आसपास के गांवों में सैकड़ों बीघा धान की फसल पानी में डूब गई है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीडि़त कसानों ने मुआवजा की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने फसल बर्बादी के लिए चकबंदी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। किसानों का आरोप है कि चकबंदी के दौरान ग्रामसभा की निचली जलभराव वाली जमीन और गांव के किनारे की ऊंची उपजाऊ जमीन को समान रूप से दर्ज कर दिया गया। यह भी पढ़ें- बिहार: गंडक ने अब तोड़ा चंपारण तटबंध, अफसरों ने गांववालों का फोन तक नहीं उठाया; दहशत में लोग किसानों का कहना है कि जलभराव क्षेत्र में आने वाली जमी...