नई दिल्ली, मार्च 27 -- चैत्र शुक्लपक्ष में कामदा एकादशी का व्रत किया जाता है। इसका महत्व भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठर को सुनाया था। चैत्र नवरात्रि के बाद यह एकादशी मनाई जाती है। इस साल एकादशी का व्रत 29 मार्च को रखा जाएगा। ऐसा कहा जाता है कि जो इस एकादशी का व्रत करता है, उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। यह एकादशी बहुत पुण्यमयी है। पापरूपी ईंधनके लिये तो वह दावांनल ही है। कथा इस प्रकार है-कामदा एकादशी व्रत कथा इस एकादशी की पौराणिक कथाभगवान राम के पूर्वज राजा दिलीप ने भी गुरु वशिष्ठ से सुनी था। कथा के अनुसार प्राचीनकाल में पुंडरीक नाम का एक राजा राज्य करता था। वह भोंगीपुर नगर में रहता है। राजा प्रजा के लिए कोई काम नहीं करता था और किसी भी तरह प्रजा का ध्यान नहीं रखता था। हर वक्त भोग-विलास में डूबा रहता। उसके ही राज्य में एक पति-पत्नी रहते थे जि...