नई दिल्ली, जुलाई 7 -- कैलाश पर्वत भगवान शिव का पवित्र धाम माना जाता है। लाखों श्रद्धालु हर साल इस पर्वत की परिक्रमा करने जाते हैं। यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि धैर्य, श्रद्धा और आत्मिक शक्ति की परीक्षा भी है। करीब 52 किलोमीटर लंबी यह परिक्रमा तीन दिनों में पूरी की जाती है। ऊंचे पहाड़, कम ऑक्सीजन और कठिन रास्ते यात्रियों को चुनौती देते हैं, लेकिन इस यात्रा का आध्यात्मिक अनुभव जीवनभर याद रहता है।कैलाश परिक्रमा का महत्व हिंदू धर्म में कैलाश पर्वत को भगवान शिव और माता पार्वती का घर माना जाता है। इसकी परिक्रमा करना पापों से मुक्ति और आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक है। श्रद्धालु इस पर्वत पर चढ़ाई नहीं करते, बल्कि इसके चारों ओर परिक्रमा करते हैं। इसे 'कोरा' भी कहा जाता है। मान्यता है कि पूरी श्रद्धा से की गई एक परिक्रमा जीवन क...