Jitiya Vrat Katha: जीमूतवाहन राजा की जीवितपुत्रिका व्रत की संपूर्ण कहानी, जो नारद जी ने सुनाई
नई दिल्ली, अक्टूबर 2 -- Jitiya Vrat Katha: एक बार नैमिषारण्य तीर्थ में ऋषियों ने सूत जी से पूछा ऐसा कौन सा व्रत है जिससे कलियग में बालक लंबी उम्र पाएंगे? सूत जी ने कहा कि जब द्वापर काल का अंत हो रहा था और कलियुग शुरू हो रहा था तब बहुत सी स्त्रियों ने सलाह की कि क्या इस युग मे माता के जीवित रहते पुत्र मर जाएंगे। वे पूछने के लिए गौतम ऋषि के पास गई। उन्होंने ऋषि से पूछा कि कोई ऐसा तप या व्रत बताएं, जिससे बालकों की उम्र लंबी हो। कलयुग में वो जीवत रहें। इसके बाद गौतम ऋषि ने उन्हे महाभारत काल के एक प्रसंग के बारे में बताया। उन्हें बताया कि जब युद्ध खत्म हो गया तो। द्रोण के बेटे अश्वत्थामा को मरा देखकर सब दुखी हुए। पुत्र के शोक से द्रोपदी भी दुखी हुई और धौम्य ऋषि के पास गई, उन्होंने पूथा कि ऐसा कौन सा उपाय है, जिससे बालक दीर्घायु हों। तब उन्होंन...
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