झांसी, सितम्बर 13 -- Jhansi News: झांसी, संवाददाता। अतिशय क्षेत्र करगुवांजी में चल रहे भक्तामर महा मण्डल आराधना विधान में रविवार को गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी ने मंगल देशना देते हुए कहा कि परिणामों के फल जीव को शुभ और‌ अशुभ गति की ओर ले जाते हैं। यदि हम शुभ सोचते हैं‌ तो उसके परिणाम शुभ होते हैं। उन्होंने कहा, जो हमें भगवत्ता की ओर ले जाते हैं और यदि हम अशुभ सोचते हैं तो उसके परिणाम अशुभ होते हैं जो जीव को अधोगति की ओर‌ ले जाते हैं। इसलिए सभी के प्रति सदैव अच्छी धारणा रखकर सभी के लिए शुभ सोचो । सोचने में कुछ खर्च नहीं होता बल्कि लाभ ही होता है, क्योंकि अच्छा सोचते सोचते एक दिन आपके बुरे कर्मों का क्षय होगा और‌ जीव को केवल्य ज्ञान की प्राप्ति होगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अटूट मेहनत कर धन कमाते हैं और फिर उसी धन को भोगों में गंवाकर ...