झांसी, अगस्त 2 -- Jhansi News: झांसी। दिगम्बर जैन पंचायत समिति, चातुर्मास समिति एवं सकल जैन समाज झांसी के बैनर तले चल रहे पावन वर्षायोग में लीन ससंघ (15 पिच्छी) गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी ने रविवार वार को धर्म दिया। कहा कि जीव को पुण्य करके ही सुख मिलता है और पाप करने पर उसका दण्ड कभी न कभी भोगना ही पड़ता है। भले ही हम अकेले में ही कोई पाप करें और यह सोचकर छिपा लें कि मेरे पाप को तो किसी ने देखा ही नहीं तो यह हमारी भूल है। उन्होंने कहा, हमें कोई देखे न देखे किंतु उसे ऊपर बैठा भगवान देख रहा है और उसी अनुसार हमारे कर्मफल का निर्धारण हो रहा है।वे यह भी पढ़ें- Jhansi News: जिनवाणी को सुनने प्राप्त होते हैं भगवत्ता : माताजी कहती हैं कि पाप तो रुई में लगी आग की तरह है भले ही उसे हम छिपा लें पर रुई में लगी आग तो थोड़े समय में स्वत: ही प्र...