JEE Main में 2 बार फेल, पर 2 लाख कमा रहा इंदौर का लड़का, IIT IIM के ठप्पे पर अंकुर वारिकू ने छेड़ी बहस
नई दिल्ली, अगस्त 19 -- भारत में आमतौर पर किसी छात्र के टैलेंट को उसके कॉलेज या डिग्री से आंका जाता है। सबसे पहले उसकी काबिलियत की परख यह देखकर की जाती है कि वह कहां से पासआउट है। IIT, NIT या IIM या फिर किसी बड़े कॉरपोरेट ब्रांड का नाम उम्मीदवार के बारे में राय बनाने में मदद करता है, भले ही उसने क्षमता और स्किल्स साबित नहीं की हो। लेकिन उन युवाओं का क्या, जिन्हें किसी नामी संस्थान का टैग नहीं मिल पाता? जाने माने कंटेंट क्रिएटर और एंटरप्रिन्योर अंकुर वारिकू ने इसी मुद्दे को उठाते हुए इंदौर के एक डिजाइनर की कहानी सोशल मीडिया पर शेयर की है। इस डिजाइनर को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE में दो बार नाकामी मिली लेकिन हार मानने के बजाय उसने खुद से प्रोडक्ट डिजाइन सीखना शुरू किया और आगे चलकर एक सफल फ्रीलांसिंग करियर बनाया। वारिकू के मुताबिक आज यह ड...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.