जौनपुर, जुलाई 23 -- Jaunpur News: बरसठी। गोपालपुर गांव स्थित पारस बेला मंडपम् में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम ज्ञान यज्ञ महोत्सव के तीसरे दिन गुरुवार को कथा वाचक डॉ. सुरेंद्र नाथ द्विवेदी ने शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया। कहा कि बालकांड में वर्णित शिव विवाह त्याग, समर्पण और साधना का प्रतीक है। कथा के दौरान सती के त्याग, पार्वती के पुनर्जन्म, उनकी कठोर तपस्या, कामदेव दहन, शिवजी की बरात और दिव्य विवाह का विस्तार से वर्णन किया। कथावाचक ने बताया कि माता पार्वती की अटूट भक्ति और तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया। शिवजी की अनोखी बारात और विवाह प्रसंग का वर्णन सुन श्रद्धालु भावविभोर हो गए। इस दौरान पूर्व एमएलसी विद्यासागर सोनकर, राकेश शुक्ला, राकेश सिंह, रमेश तिवारी और ब्रह्मदेव मिश्र सहित अन्य अतिथियों को आ...