जमुई, अक्टूबर 18 -- Jamui News: सोनो । निज संवाददाता यह सिर्फ आस्था का सैलाब नहीं, बल्कि विभाजन के दर्द, पलायन और संघर्ष से उपजी एक कौमी विरासत का 76वां अध्याय है। वर्ष 1950 से जमुई जिले के सोनो में रविदास समाज द्वारा जिस ऐतिहासिक दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है, उसके पीछे सात दशकों से अधिक पुराना एक ऐसा इतिहास है जिसकी जड़ें आज के बांग्लादेश (तब पूर्वी पाकिस्तान) की राजधानी ढाका से जुड़ी हैं। शनिवार को महासप्तमी के पावन अवसर पर जैसे ही मां के सातवें स्वरूप कालरात्रि की पूजा के साथ सोनो के इस ऐतिहासिक मंदिर के पट खुले, पूरा इलाका शंखनाद, घंटा-घडि़याल और मां के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे पंडालों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यह भी पढ़ें- Jamui News: गोला दुर्गा मंदिर का पट खुलते ही श्रद्धांलुओं का पूजा अर्चना ...