जमशेदपुर, अक्टूबर 5 -- Jamshedpur News: जुगसलाई स्थित राजस्थान शिव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का शनिवार को विश्राम हुआ। अंतिम दिन यजमान छीतरमल धूत परिवार ने व्यासपीठ की पूजा की और कथा व्यास आचार्य विनय कांत त्रिपाठी का सम्मान किया। मंगलाचरण के बाद सुदामा चरित्र समेत विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया गया। आचार्य विनय कांत त्रिपाठी ने कहा कि जिसे कोई नहीं अपनाता, भगवान उसे अपना लेते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में धन का सदुपयोग जरूरतमंदों की सहायता और समाजहित के कार्यों में करना चाहिए। हनुमान भक्ति और मां जगदंबा की आराधना को उन्होंने संकट के समय आस्था का आधार बताया। कथा के दौरान भगवान श्रीराम और हनुमान के संवाद, लंका विजय के बाद के प्रसंग और श्रीराम के प्रति हनुमान की भक्ति का वर्णन किया गया। यह भी पढ़ें- Bareily News: श्रीकृष्ण-सुदामा की...