जमशेदपुर, अगस्त 1 -- Jamshedpur News: वैसे तो सनातन धर्म, शास्त्र और ग्रंथों में खंडित मूर्ति, तस्वीर या फिर खंडित शिवलिंग की पूजा वर्जित है, लेकिन पश्चिमी सिंहभूम के गोईलकेरा प्रखंड का महादेवशाल धाम एक ऐसा मंदिर है, जहां खंडित शिवलिंग की पूजा होती है। मान्यता और विश्वास ऐसा कि इस महादेवशाला को झारखंड का दूसरा बाबा धाम भी कहा जाता है। महादेवशाल धाम पहाड़ों के बीच बसा है। सुंदर मनोरम पहाड़ियों के किनारे स्थित महादेवशाल धाम में रोज श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सावन में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। यहां खंडित शिवलिंग की वर्षों से पूजा की जा रही है। शिवलिंग के दोनों टुकड़ों की होती है पूजा यह भी पढ़ें- Gangapar News: सावन में इंद्रेश्वरनाथ मंदिर में उमड़ती है शिव भक्तों की भीड़यहां पूजा के लिए झारखंड के विभिन्न हिस्सों के अलावा झारख...