जमशेदपुर, अक्टूबर 25 -- Jamshedpur News: औद्योगिक शहर जमशेदपुर में वायु प्रदूषण की नियमित निगरानी और उसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन नहीं हो रहा है। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दिए गए जवाब में स्वीकार किया है कि शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के वास्तविक समय में प्रदर्शन की व्यवस्था नहीं है। वहीं, हवा में मौजूद खतरनाक प्रदूषक पीएम 2.5 की नियमित निगरानी भी नहीं होती है। झारखंड मानवाधिकार संगठन (जेएचआरसी) के चेयरमैन मनोज मिश्रा ने इस रिपोर्ट के आधार पर इसे लाखों लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला बताया है। उन्होंने इस मुद्दे पर सड़क से न्यायालय तक लड़ाई लड़ने की घोषणा की है। मनोज मिश्रा ने सात जुलाई 2026 को शहर की वायु गुणवत्ता से संबंधित जानकारी मांगी थी। तीन अगस्त को म...