जमशेदपुर, अक्टूबर 14 -- Jamshedpur News: जमशेदपुर। एसआईआर की प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों की अनिवार्यता ने झारखंड के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में बड़ी चिंता खड़ी कर दी है। स्थिति यह है कि अधिकांश आदिवासियों के पास पासपोर्ट, मैट्रिक सर्टिफिकेट या जन्म प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज मौजूद नहीं हैं। यहां तक कि कई लोगों के पास पैन कार्ड भी नहीं है और उनके माता-पिता के दस्तावेज भी अधूरे पड़े हैं।जिले के कई राजस्व गांवों के वोटरों की 2003 की वोटर सूची के साथ सही मैपिंग भी नहीं हो पा रही है, क्योंकि 23 साल पहले प्रकाशित उक्त वोटर लिस्ट में कई त्रुटियां हैं। मैपिंग नहीं हो पाने के कारण निर्वाचन आयोग के 11 निर्धारित दस्तावेज के अभाव में हजारों आदिवासी परिवारों के नाम 2026 की वोटर सूची से कटने का संकट उत्पन्न हो गया है। इस समस्या को लेकर आदिवासी स्वशासन ...