देहरादून, मार्च 3 -- भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के साॅफ्टवेयर की खामी की वजह से एक दिवंगत जवान की मां को 16 साल तक बीमा पॉलिसी का क्लेम नहीं मिल पाया। मामला जिला उपभोक्ता फोरम से लेकर राज्य उपभोक्ता आयोग तक पहुंचा। अब जाकर आईटीबीपी बीमा क्लेम की राशि का भुगतान ब्याज सहित करेगा। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के टकाना स्थित जागृति विहार निवासी मोहनी रावत के बेटे भूपेंद्र सिंह आईटीबीपी में थे। उन्होंने 2007 और 2008 की दो डाक बीमा पॉलिसी ली थीं। इनके अनुसार बीमित व्यक्ति की मृत्यु पर परिवार को नौ लाख रुपये मिलने थे। यह भी पढ़ें- चयन प्रक्रिया के बाद आरक्षण का लाभ नहीं लिया जा सकता, HC ने खारिज की याचिकासड़क हादसे में गई थी जान फरवरी 2010 में भूपेंद्र सिंह की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। बीमा पॉलिसी का समय पर प्रीमियम जमा नहीं होने पर डाक विभा...