नई दिल्ली, अगस्त 31 -- भारतीय शेयर बाजार की चाल चाहे जैसी भी हो, आईपीओ की रफ्तार कम नहीं हो रही है। 26 अगस्त 2026 तक कंपनियों ने लगभग 22,400 करोड़ रुपये जुटाए हैं। उम्मीद है कि 30 सितंबर से पहले और भी कई आईपीओ बाजार में आ सकते हैं, क्योंकि कई कंपनियों को सेबी (SEBI) से मिली मंजूरी की एक साल की वैलिडीटी इसी दिन एक्सपायर हो रही है।'रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस' (RHP) क्यों है महत्वपूर्ण? चूंकि आईपीओ लाने वाली कंपनियों का शेयर बाजार में कोई पुराना रिकॉर्ड या ट्रेडिंग इतिहास नहीं होता, इसलिए निवेशकों को लिस्टिंग से पहले दी गई जानकारी पर ही निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में 'रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस' (RHP) सबसे अहम डॉक्यूमेंट्स में से एक है। इसके कुछ खास हिस्सों को गौर से देखकर निवेशक कंपनी की कमजोरियां, उसकी वित्तीय सेहत और उसके मांगे जा रहे मूल्यांकन ...