नई दिल्ली, मार्च 23 -- भारतीय खेल उद्योग के लिए 2025 का साल एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हुआ है। ऐसा लग रहा था कि रियल मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगने से इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगेगा। इसका असर बहुत ज्यादा नहीं हुआ है, क्योंकि पारंपरिक ब्रांड्स ने संकटमोचक की भूमिका निभाई है और उसकी भरपाई कर दी। डब्ल्यूपीपी मीडिया द्वारा तैयार की गई ताजा 'स्पोर्टिंग नेशन' रिपोर्ट 2025 के अनुसार, भारतीय खेल उद्योग का आकार पिछले वर्ष की तुलना में 13.4% बढ़ गया है। आईपीएल की टीमों की स्पॉन्सरशिप 1000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। इस रिपोर्ट के सबसे दिलचस्प आंकड़ों में से एक अहम बात यह है कि कुल खेल अर्थव्यवस्था में अकेले क्रिकेट की हिस्सेदारी 89% है। इससे पता चलता है कि भारत में खेलों में क्रिकेट का ही दबदबा है। वर्तमान में भारतीय खेल उद्योग का कुल मूल्य 18,864 करोड़...
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