बांदा, अगस्त 14 -- बुंदेलखंड की वीरता और शौर्य की परंपरा आज भी बांदा जिले के यमुना किनारे बसे बेंदा और जौहरपुर गांवों में जीवंत है। फतेहपुर सीमा से सटे इन दोनों गांवों की आबादी करीब 15-15 हजार है। बेंदा में 42 और जौहरपुर में 28 मजरे हैं। खास बात यह है कि इन गांवों से बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होकर देश की सेवा कर रहे हैं। यहां सेना में जाना आज भी युवाओं की पहली पसंद बना हुआ है।गांव के हर घर में एक सैनिक! गांवों के लोगों के मुताबिक, लगभग हर घर का कोई न कोई सदस्य सेना में भर्ती की तैयारी करता है। सुबह होते ही गांव के मैदानों और सड़कों पर युवाओं की दौड़ शुरू हो जाती है। इसके बाद लंबी कूद, ऊंची कूद और अन्य शारीरिक अभ्यास किए जाते हैं। युवाओं में सेना में भर्ती होने को लेकर खासा उत्साह है। हाल ही में बेंदा, जौहरपुर और अमलीकौर के करीब ...