हेमलता कौशिक, मार्च 18 -- यकृत एवं पित्त विज्ञान संस्थान (आईएलबीएस) में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षित सीमित बिस्तरों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में संस्थान के उस फैसले को चुनौती दी गई है जिसमें केवल 10 फीसदी इनडोर बेड और 25 फीसदी ओपीडी मरीजों को मुफ्त इलाज देने की बात कही गई है। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की दलील है कि पूरी तरह सरकारी वित्त पोषित अस्पताल को प्राइवेट अस्पतालों की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए। दिल्ली उच्च न्यायालय ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आंतरिम रोगी विभाग में केवल 10 प्रतिशत बिस्तरों व वाह्य् रोगी विभाग (ओपीडी) में 25 प्रतिशत मरीजों को ही मुफ्त उपचार प्रदान करने के यकृत्त एवं पित्त विज्ञान संस्थान ...
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