नई दिल्ली, अगस्त 1 -- देश के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों यानी आईआईटी में पढ़ाई का दबाव किसी से छिपा नहीं है। यहां पहुंचने का सपना लाखों युवा देखते हैं, लेकिन वहां का तनाव कई बार छात्रों को अंदर से तोड़ देता है। ऐसे ही एक मामले में देश की सबसे बड़ी अदालत ने एक बड़ा और बेहद मानवीय फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने आईआईटी खड़गपुर के एक छात्र की मानसिक हालत को देखते हुए उसे आईआईटी रुड़की में ट्रांसफर करने की इजाजत दे दी है। यह अपने आप में एक बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक मामला है, जहां देश की सर्वोच्च अदालत ने किसी छात्र के मानसिक स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हुए दो अलग-अलग आईआईटी संस्थानों के बीच सीधे ट्रांसफर का आदेश दिया है।क्या है पूरा मामला यह पूरा मामला आईआईटी खड़गपुर में बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (बी.आर्क) की पढ़ाई कर रहे एक छात्र से जुड़...