नई दिल्ली, अगस्त 17 -- देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों की पहचान अब तक बीटेक, एमटेक और रिसर्च तक सीमित मानी जाती थी, लेकिन पिछले चार-पांच सालों में तस्वीर तेजी से बदली है। इंडियन इंस्टीट्यूट्स ऑफ टेक्नोलॉजी यानी IIT अब उस मैदान में भी कदम बढ़ा चुके हैं, जिसे कभी सिर्फ IIM का गढ़ माना जाता था एग्जीक्यूटिव एजुकेशन। शॉर्ट-टर्म सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर पूरी तरह ऑनलाइन मास्टर डिग्री तक IIT अब कामकाजी पेशेवरों को नौकरी छोड़े बिना डिग्री हासिल करने का मौका दे रहे हैं। IIT और IIM की इस होड़ में कामकाजी पेशेवरों का खूब फायदा हो रहा है। इस बदलाव के पीछे कई वजहें गिनाई जा रही हैं। कोरोना महामारी के बाद ऑनलाइन और हाइब्रिड पढ़ाई को जो स्वीकार्यता मिली, उसने इस ट्रेंड को रफ्तार दी। इसके अलावा स्किल अपग्रेड करने की बढ़ती मांग, इंडस्ट्री के साथ गह...