नई दिल्ली, फरवरी 20 -- देश के 23 आईआईटी संस्थान पहली बार एक दूसरे के छात्रों के लिए अपने क्लासरूम के दरवाजे खोलने जा रहे हैं। इसी एकेडमिक वर्ष से एक आईआईटी के छात्र दूसरी आईआईटी कैंपस में जाकर क्लास अटेंड कर सकेंगे। अब स्टूडेंट्स को दूसरे आईआईटी कैंपस में कुछ खास कोर्स करने और अपने पेरेंट इंस्टिट्यूट (जहां उन्होंने दाखिला लिया है) से दूर एक टर्म बिताने की भी इजाजत होगी। यह आईआईटी एजुकेशन सिस्टम में पहला औपचारिक शैक्षणिक आदान-प्रदान होगा। बताया जा रहा है कि आईआईटी संस्थानों की इस अहम कदम से जेईई में हायर रैंक पाने की मारामारी कम होगी। अभी तक रैंक न सिर्फ आईआईटी में दाखिला तय करती है बल्कि उसके बाद कम से कम चार सालों तक छात्र के शैक्षणिक अनुभव की सीमाएं भी तय कर देती है। आईआईटी की नई पहल से ये बाधाएं और सीमाएं टूटेंगी। टीओआई की रिपोर्ट के म...
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