नई दिल्ली, अगस्त 8 -- छात्रों के लिए एक छोटी सी असफलता भी कई बार पूरे करियर पर भारी पड़ती नजर आती है। जैसे- पसंदीदा ब्रांच न मिलना, ड्रीम यूनिवर्सिटी में एडमिशन से चूक जाना या अपना स्टार्टअप फेल हो जाना, ऐसी घटनाएं छात्रों को आगे की राह मुश्किलें पैसा कर देती हैं। लेकिन Perplexity AI के को-फाउंडर और CEO अरविंद श्रीनिवास की कहानी कुछ अलग है। उनकी कहानी बताती है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि सफलता की राह में एक पड़ाव हो सकती है। आज दुनिया की चर्चित AI कंपनियों में शामिल Perplexity AI का नेतृत्व करने वाले श्रीनिवास के करियर में एक समय ऐसा भी था, जब उन्हें एक के बाद एक कई रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। IIT मद्रास में मनचाही कंप्यूटर साइंस ब्रांच नहीं मिली, ब्रांच बदलने के लिए जरूरी CGPA से महज 0.01 अंक से चूक गए, मशीन लर्निंग कोर्स में दाखिले से रो...