नई दिल्ली, अप्रैल 8 -- सरकार की विनिवेश (Disinvestment) योजना के तहत IDBI बैंक की बिक्री एक बार फिर चर्चा में आ गई है। ताजा खबरों के मुताबिक, सरकार अब संभावित खरीदारों से संशोधित (revised) वित्तीय बोलियां मांग सकती है, क्योंकि पहले दिए गए ऑफर तय रिजर्व प्राइस से कम थे। आसान शब्दों में कहें तो सरकार को उम्मीद के मुताबिक कीमत नहीं मिली, जिसके चलते यह प्रक्रिया थोड़ी अटक गई थी। आइए इसको जरा विस्तार से समझते हैं। यह भी पढ़ें- बैंक से जुड़े लोगों की सैलरी में आएगी समानता, RBI का नया प्रपोजल दरअसल, सरकार और LIC (Life Insurance Corporation of India) मिलकर IDBI बैंक में अपनी कुल 60.72% हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे हैं। वर्तमान में दोनों के पास मिलाकर करीब 94.71% हिस्सेदारी है, जिसमें सरकार की हिस्सेदारी 45.48% और LIC की 49.24% है। इस बिक्री ...
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