नई दिल्ली, अगस्त 11 -- विशाखा यादव के पास वो सब था, जिसके लिए उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की था। बतौर सोफ्टवेयर डेवलेपर अच्छी-खासी सैलरी मिल रही थी। लाइफ सेट थी। लेकिन सपना कुछ और था। ये सपना था कुछ अलग करने का और ये कब सिविल सर्विसेस की ओर रुख कर गया, ये उन्हें भी नहीं पता चला। जी हां, मैं बात कर रहा हूं आईएएस विशाखा यादव की, जिन्होंने लाखों की नौकरी छोड़कर सिविल सेवा का रास्ता चुना और वो सफल भी हुईं। हालांकि ये रास्ता उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था।पिता हैं दरोगा विशाखा यादव दिल्ली के द्वारका की रहने वाली हैं। उनके पिता राजकुमार यादव दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर हैं, जबिक मां गृहणी हैं। विशाखा के पेरेंट्स ने हमेशा सपोर्ट किया है। खासकर मां हर कदम पर उनके साथ खड़ी रही हैं। विशाखा कई इंटरव्यू में कह चुकी हैं कि वो आज जो कुछ भ...