नई दिल्ली, सितम्बर 5 -- लाखों उम्मीदवार आईएएस-आईपीएस बनने का ख्वाब लिए यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा में बैठते हैं। इसमें से कई उम्मीदवार सफल होते हैं, तो कई असफल। लेकिन कहते हैं ना कि अगर आपने आईएएस बनने की ठान ली है और इसके लिए दिन-रात ईमानदारी से मेहनत करते हुए तैयारी कर रहे हैं, तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। कुछ ऐसी ही कहानी है टीचर से आईएएस बनीं मोना प्रुथी श्रीनिवास की, जिन्होंने बचपन से बस एक ही ख्वाब देखा था-आईएएस बनना। यह ख्याब सिर्फ उनका अकेले का नहीं था, बल्कि उनके पिता का भी था। बस इसी को ताकत बनाकर वो हमेशा मोटिवेट होती रहीं। आईएएस मोना को यूपीएससी की राह में कई बार असफलताएं जरूर मिलती हैं, लेकिन वो हार नहीं मानती हैं, बस अपने लक्ष्य की ओर ही बढ़ती हैं। एक इंटरव्यू में वो अपनी जर्नी को शेयर करते हुए कहती हैं कि...