नई दिल्ली, अक्टूबर 19 -- होम लोन (Home Loan) लेने वालों के लिए ब्याज दर में मामूली बढ़ोतरी भी लंबे समय में बड़ा आर्थिक असर डाल सकती है। जब बैंक होम लोन की ब्याज दर बढ़ाते हैं, तो कर्ज लेने वालों के सामने दो विकल्प होते हैं। पहला हर महीने ज्यादा EMI चुकाकर लोन की पुरानी अवधि बनाए रखें। दूसरा EMI को लगभग पहले जितना रखते हुए लोन चुकाने की अवधि बढ़वा लें। पहली स्थिति में हर महीने बजट पर दबाव बढ़ता है, जबकि दूसरी में कर्ज चुकाने में ज्यादा समय लगता है और कुल ब्याज का खर्च बढ़ सकता है। आइए इसको जरा विस्तार से समझते हैं। यह भी पढ़ें- Rs.1.46 लाख का निवेश बना Rs.5.02 लाख! इस शेयर ने निवेशकों को दिया बड़ा फायदाकौन-सा विकल्प आपके लिए बेहतर रहेगा? इसका जवाब आपकी सैलरी, हर महीने के खर्च, दूसरे कर्ज, बचत और होम लोन की बची हुई अवधि पर निर्भर करता है। ग...