नई दिल्ली, मार्च 1 -- होलिका दहन का पर्व फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर माया जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। होलिका दहन की शाम लोग होला या होलिका माता की पूजा करते हैं। इसके बाद शुभ मुहूर्त में उसमें अग्नि प्रज्वलित की जाती है। होलिका दहन हमेशा रात में की जाती है, दिन में नहीं। इस बार होली का पर्व 2 मार्च की रात को होगा। होलिका दहन के साथ बुराइयों का विनाश होता है और सच्चाई की विजय होती है। मान्यता है कि इस रात कुछ चीजें बिल्कु करने की मनाही होती है और साथ ही कुछ काम शुभ भी माने जाते हैं। चलिए जानते हैं कि होलिका दहन पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं। होलिका दहन के दिन क्या न करें-होलिका माता की पूजा की जाती है और घर में सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। ऐसे में इस दिन मांस और मदिरा का सेवन वर्जित है।इससे धन हानि और रोग हो ...
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