Holika Dahan 2026: होलिका दहन की कितनी बार करें परिक्रमा? इन नियमों का रखें ध्यान, बढ़ेगी सुख-समृद्धि
नई दिल्ली, फरवरी 26 -- रंगों की के पर्व की होली से पहले फाल्गुन की पूर्णिमा की रात होलिका दहन की परंपरा है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। होलिका दहन कभी भी दिन में नहीं किया जाता है। वैदिक पंचांग के मुताबिक इस बार 2 मार्च की रात होलिका दहन होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार शुभ काल में होलिका दहन किया जाता है। होलिका दहन से पहले होलिका की पूजा पूरे विधि-विधान से की जाती है। होलिका में कई पूजन सामग्रियों को भी अर्पित किया जाता है। इसके बाद होलिका दहन किया जाता है। होलिका दहन की परिक्रमाहोलिका दहन की अग्नि का भी खास महत्व होता है। मान्यता है कि होलिका अग्नि आसपास मौजूद बुरी और नकारात्मक शक्तियों को खत्म करता है। लेकिन इस अनुष्ठान से जुड़े कुछ नियम है, जिनका पालन करना जरूरी है, वरना पूजन का संपूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। इन्हीं नि...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.