नई दिल्ली, फरवरी 25 -- होलिका दहन का खास महत्व होता है। हर साल होलिका दहन फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा के दिन किया जाता है। इसके अगले दिन रंगों का पर्व होली मनाया जाता है। होलिका दहन करने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। परिवार के सभी सदस्यों को होलिका की परिक्रमा करनी चाहिए। साथ हो होलिका की अग्नि में लोग कई शुभ चीजें अर्पित करते हैं। होलिका को शुभ मुहूर्त में जलाया जाता है। होलिका दहन और उसकी पूजा पूरे विधि विधान से की जाती है। लेकिन बहुत से कम लोगों को होलिका दहन और पूजन विधि पता होती है। चलिए आज हम आपको होलिका दहन व पूजन विधि बताते हैं। कब है होलिका दहन 2026धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक होलिका दहन हमेशा रात में और शुभ मुहूर्त में ही किया जाता है। दिन में होलिका जलाने की परंपरा नहीं है। यही वजह है कि होलिका...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.