नई दिल्ली, फरवरी 26 -- होली रंगों का पर्व है। इस त्योहार में लोग भेदभाव, गिले-शिकवे भुलाकर अलग-अलग रंग एक दूसरे को लगाते हैं। कोई पानी संग रंग खेलता है, तो कोई होलिका की राख से। होली में रंग लगाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। होली में लोग लाल, पीला, हरा समेत कई रंगों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर होली पर रंग क्यों लगाया जाता है और रंग लगाने परंपरा कैसे शुरू हुई है। चलिए आज हम होली में रंगों के महत्व और इससे जड़ी कुछ दिलचस्प जानकारियां देने जा रहे हैं। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीकशास्त्र मत के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि में होलिका दहन और चैत्र कृष्ण पक्ष के प्रतिपदा तिथि को होली मनाने की परंपरा है। वैसे यह त्योहार दो दिनों तक मनाया जाता है। पहले दिन होलिका दहन होता है, जो बुराई पर अच्छा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.