नई दिल्ली, मार्च 1 -- होलिका दहन होली का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और भक्त प्रह्लाद की भक्ति तथा होलिका के अहंकार के दहन की याद दिलाता है। 2026 में होलिका दहन 2 मार्च को प्रदोष काल में होगा। शास्त्रों में होलिका दहन की अग्नि को अत्यंत पवित्र माना गया है। इस अग्नि में कुछ विशेष सामग्रियां अर्पित करने से वास्तु दोष, नवग्रह बाधाएं, नजर दोष और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। साथ ही घर में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और धन का प्रवाह बढ़ता है। आइए जानते हैं होलिका दहन में क्या-क्या डालना चाहिए और शास्त्रों में इसका क्या महत्व बताया गया है।होलिका दहन का धार्मिक महत्व होलिका दहन की कथा भक्त प्रह्लाद और होलिका से जुड़ी है। असुर राजा हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठने को कहा ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.