नई दिल्ली, फरवरी 22 -- Holashtak 2026: हिंदू धर्म में होलाष्टक का खास महत्व होता है। इसकी शुरुआत रंगों के पर्व होली से 8 दिन पहले होती है। इस साल होलाष्टक का आरंभ 24 फरवरी से हो रहा है, जो होलिका दहन तक प्रभावी रहेंगे। इसके बाद होलाष्टक समाप्त हो जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इन आठ दिनों में शुभ और मांगलिक कार्यों को वर्जित माना गया है। विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे कार्य इस अवधि में नहीं किए जाते है। मान्यता है कि होलाष्टक के दौरान नकारात्मक शक्तियां बहुत उग्र होती है, इसलिए इस दौरान शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। आइए जानते हैं आखिर होलाष्टक को अशुभ काल क्यों माना जाता है और इन 8 दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। आखिर क्यों अशुभ माना जाता है होलाष्टक?होलाष्टक का संबंध भक्त प्रहलाद और हिरण्यकश्चप से जुड़ा हुआ है। पौ...