नई दिल्ली, जून 29 -- हिंदू मंदिरों में प्रवेश करते समय जूते-चप्पल उतारना, हाथ-पैर धोना और सिर ढकना जैसे नियम तो हम सभी जानते हैं। लेकिन इनके बाद जब हम मंदिर की पहली सीढ़ी को हाथ लगाकर प्रणाम करते हैं, तो यह सिर्फ एक रिवाज नहीं बल्कि गहरी आस्था और आध्यात्मिक भावना का प्रतीक है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसके पीछे कई धार्मिक और आध्यात्मिक कारण छिपे हैं।मंदिर की सीढ़ी छूने की प्रथा मंदिर में प्रवेश से पहले पहली सीढ़ी को छूकर प्रणाम करना एक प्राचीन परंपरा है। जब भक्त मंदिर की सीढ़ी पर झुकता है, तो वह ईश्वर के द्वार पर पहुंचने की खुशी और सम्मान व्यक्त करता है। यह प्रथा पूरे भारत में प्रचलित है, चाहे मंदिर छोटा हो या बड़ा। लोग इसे स्वाभाविक रूप से करते हैं, लेकिन कम ही लोग इसके गहरे अर्थ को जानते हैं।आध्यात्मिक महत्व मंदिर की सीढ़ी को...