नई दिल्ली, मई 25 -- हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के नियमों का विशेष महत्व है। पूजा केवल एक रस्म नहीं, बल्कि भक्ति और समर्पण का माध्यम है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग खड़े-खड़े ही पूजा कर लेते हैं, लेकिन शास्त्रों में इसे उचित नहीं माना गया है। पूजा हमेशा शांतचित्त होकर, आसन पर बैठकर करनी चाहिए। आइए जानते हैं कि खड़े होकर पूजा क्यों नहीं करनी चाहिए और शास्त्रीय नियम क्या कहते हैं।खड़े होकर पूजा करने के नुकसान शास्त्रों के अनुसार, खड़े होकर पूजा करना शुभ नहीं माना जाता है। जब हम खड़े होते हैं, तो हमारा मन अस्थिर रहता है और भक्ति में पूर्ण समर्पण नहीं हो पाता है। इससे पूजा का पूरा फल नहीं मिलता है। कुछ लोग घर में भगवान की मूर्ति ऊंचाई पर रख देते हैं, जिस वजह से खड़े होकर पूजा करनी पड़ती है। यह तरीका वास्तु और शास्त्र दोनों के विरुद्ध है...